Sharad Navratri 2026 कब से शुरू है? जानिए Ghatasthapana की तारीख, Pratipada Tithi, Kalash Sthapana Muhurat और Navratri के 9 दिनों की पूजा परंपरा।
Sharad Navratri हिंदू calendar के प्रमुख पर्वों में से एक है। नौ दिनों तक देवी के विभिन्न रूपों की पूजा की जाती है और दसवें दिन Vijayadashami/Dussehra आता है।
2026 में Shardiya Navratri की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 से होगी।
Drik Panchang के Varanasi calculation के अनुसार Ghatasthapana भी 11 अक्टूबर 2026, रविवार को है। Ghatasthapana Muhurat 5:54 AM से 9:48 AM तक दिया गया है।
Table of Contents
Sharad Navratri 2026 कब शुरू होगी?
Start: 11 October 2026
Navratri, Pitru Paksha की Sarva Pitru Amavasya के अगले दिन से शुरू होती है। इस समय के शुभ अंकों के लिए देखें September 2026 Numerology, और इसी मौसम के ग्रह परिवर्तन के लिए Jupiter का कर्क राशि से निकलना।
Ghatasthapana:
11 October 2026
Varanasi:
5:54 AM – 9:48 AM
Abhijit Muhurat:
11:21 AM – 12:08 PM
ये timings Varanasi calculation के हैं। आपके शहर में मुहूर्त अलग हो सकता है।
Ghatasthapana क्या है?
Ghatasthapana को Navratri की शुरुआत से जुड़ा प्रमुख ritual माना जाता है।
इसमें कलश की स्थापना करके देवी शक्ति का आह्वान किया जाता है।
Drik Panchang के अनुसार Ghatasthapana Pratipada Tithi के दौरान की जाती है और दिन के शुरुआती हिस्से को प्राथमिकता दी जाती है।
2026 में Pratipada Tithi
Varanasi calculation के अनुसार:
Pratipada starts: 10 October, 9:19 PM
Pratipada ends: 11 October, 9:30 PM
इसलिए Ghatasthapana 11 अक्टूबर को होती है।
Navratri में कलश स्थापना कैसे करें?
सामान्य पूजा परंपरा में:
- पूजा स्थान साफ करें।
- स्नान करके संकल्प लें।
- मिट्टी/चौकी तैयार करें।
- कलश स्थापित करें।
- कलश में जल और पारंपरिक सामग्री रखें।
- आम/अशोक के पत्ते आदि परंपरा के अनुसार लगाएं।
- नारियल स्थापित करें।
- देवी का आह्वान करें।
- अखंड ज्योति की परंपरा हो तो स्थापित करें।
- नौ दिनों तक नियमित पूजा करें।
Exact ritual family tradition और regional practice के अनुसार बदल सकता है।
Chitra Nakshatra और Vaidhriti Yoga का क्या मतलब है?
2026 के Varanasi calculation में Ghatasthapana period के दौरान Chitra Nakshatra और Vaidhriti Yoga की जानकारी भी दी गई है। Drik Panchang इन्हें traditional muhurta consideration में discuss करता है।
इसलिए article में केवल “सुबह 5:54 से 9:48 तक कोई भी समय” लिखने के बजाय reader को local Panchang देखने की सलाह देना बेहतर है।
Navratri के नौ दिनों में किसकी पूजा होती है?
परंपरा में Navdurga के नौ रूपों की पूजा की जाती है:
- Shailputri
- Brahmacharini
- Chandraghanta
- Kushmanda
- Skandamata
- Katyayani
- Kalaratri
- Mahagauri
- Siddhidatri
हर दिन देवी के एक रूप से जोड़ा जाता है।
Navratri में व्रत कैसे रखें?
व्रत की विधि व्यक्ति की health, family tradition और religious practice के अनुसार अलग हो सकती है।
कुछ लोग फलाहार करते हैं, कुछ एक समय भोजन करते हैं और कुछ पूरे दिन का उपवास रखते हैं।
किसी medical condition, pregnancy, medication या अन्य health concern की स्थिति में fasting शुरू करने से पहले healthcare professional से सलाह लेना उचित है।
Navratri और Dussehra का connection
Sharad Navratri के नौ दिनों के बाद दशमी आती है, जिसे Vijayadashami या Dussehra से जोड़ा जाता है।
इसलिए Navratri calendar को केवल “9-day festival” की तरह नहीं, बल्कि Ashwin lunar cycle में आने वाले broader festive period के हिस्से के रूप में समझना बेहतर है।
नोट: पूजा विधि और मुहूर्त स्थानीय परंपरा तथा शहर के पंचांग के अनुसार बदल सकते हैं।
FAQs
Sharad Navratri 2026 कब शुरू होगी?
11 अक्टूबर 2026 से।
Ghatasthapana 2026 कब है?
11 अक्टूबर 2026 को। Varanasi में Drik Panchang के अनुसार मुख्य Muhurat 5:54 AM–9:48 AM है।
क्या Ghatasthapana का समय पूरे भारत में एक जैसा है?
नहीं। Panchang calculations location-specific हो सकती हैं।
Navratri कितने दिन की होती है?
Sharad Navratri की मुख्य पूजा परंपरा नौ रातों और दसवें दिन Vijayadashami तक जुड़ी होती है।
