ऑनलाइन रुद्राक्ष की तस्वीरें देखते समय सब दाने एक जैसे भूरे और गोल लगते हैं। किसी पर पाँच लकीरें दिखती हैं, किसी पर छह, और किसी की लकीरें इतनी हल्की होती हैं कि गिनना ही मुश्किल हो। ऐसे में पहली बार रुद्राक्ष खरीदने वाला अक्सर उलझ जाता है।
इस लेख में हम आपको बताएँगे कि असली 6 मुखी रुद्राक्ष कैसा होता है: उसका आकार, रंग, वज़न, सतह और सबसे जरूरी, उसकी छह धारियाँ। अंत में आप खुद किसी फोटो या दाने को देखकर पहला अंदाज़ा लगा सकेंगे।
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पहली नज़र में 6 मुखी रुद्राक्ष
| विशेषता | असली 6 मुखी (नेपाली) | असली 6 मुखी (इंडोनेशियाई) |
|---|---|---|
| आकार | 17 से 26 mm, गोल या हल्का अंडाकार | 7 से 13 mm, छोटा और गोल |
| रंग | हल्का से गहरा भूरा, कभी-कभी लालिमा | हल्का भूरा या बादामी |
| धारियाँ | गहरी, चौड़ी, साफ | पतली, कम गहरी |
| सतह | काँटेदार, उभरी पहाड़ियों जैसी | अपेक्षाकृत चिकनी |
| वज़न | हाथ में ठोस और भारी लगता है | हल्का |
| सबसे अच्छा उपयोग | अकेला दाना, पेंडेंट, ब्रेसलेट | माला, कंठी |
असली 6 मुखी की 6 पहचान
1. ठीक छह धारियाँ, ऊपर से नीचे तक
रुद्राक्ष को सीधा पकड़ें, ताकि उसका छेद ऊपर और नीचे की ओर हो। अब ऊपर के छेद से निकलने वाली लकीरों को देखें। असली 6 मुखी में ठीक छह लकीरें निकलती हैं, जो दाने के बीच से होते हुए नीचे वाले छेद पर फिर मिल जाती हैं। कोई भी लकीर बीच में गायब नहीं होनी चाहिए।
2. धारियों की प्राकृतिक बनावट
प्राकृतिक धारी एक पतली घाटी जैसी दिखती है, जिसके दोनों किनारे नरम और गोलाई लिए होते हैं। उसकी गहराई दाने के मोड़ के साथ बदलती है। अगर कोई लकीर बहुत सीधी, किनारों पर धारदार या चारों तरफ से एक जैसी गहरी दिखे, तो वह बाद में काटी गई हो सकती है।
3. सतह के उभार
नेपाली रुद्राक्ष की सतह पर छोटी-छोटी पहाड़ियों जैसे उभार होते हैं, जिन्हें “काँटे” कहा जाता है। ये उभार हर धारी के बीच की सतह पर फैले रहते हैं। अगर सतह बहुत चिकनी, काँच जैसी चमकदार या एक समान दिखती है, तो उस पर पॉलिश या केमिकल की परत होने की संभावना है।
4. प्राकृतिक छेद
ज्यादातर नेपाली दानों में बीच से एक प्राकृतिक छेद होता है, जो उन्हें धागे में पिरोने में मदद करता है। ड्रिल से बनाया गया छेद आमतौर पर एकदम गोल और किनारों पर तीखा होता है।
5. रंग में स्वाभाविक अंतर
असली दाने का रंग एक जैसा नहीं होता। उभारों पर रंग हल्का और धारियों के अंदर गहरा दिखता है। पूरी तरह एक रंग में रंगा हुआ दाना शक पैदा करता है। रंग जाँचने के लिए एक सफेद रुई पर थोड़ा पानी लगाकर दाने पर रगड़ें। अगर रुई पर गहरा रंग आए, तो दाना रंगा हुआ हो सकता है।
6. अंदर के छह कक्ष
यह आँख से नहीं, X-ray से दिखता है। असली 6 मुखी रुद्राक्ष के अंदर छह बीज-कक्ष होते हैं, जो बाहर की छह धारियों से मेल खाते हैं। इसलिए लैब की X-ray रिपोर्ट सबसे भरोसेमंद सबूत मानी जाती है।
धारियाँ गिनने का आसान तरीका
दाने को अच्छी रोशनी में रखें, बेहतर हो तो दिन के उजाले में।
एक धारी पर पेंसिल से हल्का निशान लगाएँ या उस पर ध्यान से उंगली रखें।
दाने को धीरे-धीरे घुमाते हुए हर धारी गिनें।
जब आप निशान वाली धारी पर वापस पहुँचें, तो गिनती रोक दें।
ऊपर और नीचे, दोनों छेदों पर गिनती मिलाकर देखें।
ऑनलाइन फोटो से कैसे जाँचें?
ऊपर से ली गई फोटो माँगें: जिसमें छेद बीच में हो और सभी छह धारियाँ एक साथ दिखें।
स्केल के साथ फोटो: दाने के पास सिक्का या स्केल रखी हो, ताकि असली आकार का अंदाज़ा लगे।
बिना फिल्टर की तस्वीर: बहुत ज्यादा चमक या एडिटिंग वाली फोटो पर भरोसा न करें।
सर्टिफिकेट की फोटो: उसमें दाने की तस्वीर, आकार, वज़न और मुखी संख्या लिखी हो।
किन चीज़ों से सावधान रहें?
| संकेत | संभावित कारण |
|---|---|
| किसी धारी का बीच में रुक जाना | 5 मुखी पर काटी गई अतिरिक्त धारी |
| दाने पर जोड़ या दरार का निशान | दो टुकड़ों को चिपकाकर बनाया गया दाना |
| बहुत हल्का और खोखला महसूस होना | लकड़ी, प्लास्टिक या भद्राक्ष |
| तेज़ केमिकल या पेंट की गंध | रंगा हुआ या पॉलिश किया दाना |
| एक जैसे आकार के दर्जनों दाने | मशीन से बने नकली दाने |
6 मुखी रुद्राक्ष किन रूपों में मिलता है?
अकेला दाना: पूजा या खुद धागा पिरोने के लिए।
पेंडेंट: चाँदी या सोने की कैप के साथ, गले में पहनने के लिए।
ब्रेसलेट: कई दानों या एक मुख्य दाने के साथ, कलाई पर रोज़ पहनने के लिए।
माला: ज्यादातर छोटे इंडोनेशियाई दानों से, जाप के लिए।
समय के साथ रंग क्यों बदलता है?
असली रुद्राक्ष एक जीवित बीज की तरह है। त्वचा के तेल और समय-समय पर लगाए गए तेल से उसका रंग धीरे-धीरे गहरा और चमकदार हो जाता है। यह अच्छा संकेत माना जाता है। दूसरी ओर, अगर दाना रूखा, सफेदी लिए या दरारों वाला होने लगे, तो उसे तेल और देखभाल की जरूरत है।
दाना हाथ में आने पर पहले 5 मिनट क्या करें?
डिलीवरी मिलते ही पैकेट खोलकर दाने को तुरंत न पहनें। पहले उसे दिन की रोशनी में रखकर धारियाँ गिनें और सर्टिफिकेट में लिखे आकार और वज़न से मिलान करें। फिर दाने को हल्के हाथ से दबाकर देखें कि कहीं कोई जोड़ या दरार तो नहीं। अंत में उसे सूँघकर देखें, असली दाने में हल्की लकड़ी जैसी गंध होती है, केमिकल या पेंट जैसी नहीं। सब ठीक लगे तभी शुद्धिकरण और मंत्र जाप करके धारण करें।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या असली 6 मुखी रुद्राक्ष पानी में डूबता है?
डूबना या तैरना असलियत का पक्का सबूत नहीं है। नकली दाने भी डूब सकते हैं।
6 मुखी रुद्राक्ष का सही आकार क्या होना चाहिए?
पहनने के लिए 18 से 22 mm का नेपाली दाना सबसे संतुलित माना जाता है।
क्या असली रुद्राक्ष का रंग काला होता है?
नहीं, प्राकृतिक रूप से यह भूरे रंग का होता है। बहुत ज्यादा काला रंग अक्सर डाई का संकेत है।
निष्कर्ष
असली 6 मुखी रुद्राक्ष की पहचान उसकी छह प्राकृतिक धारियों, उभरी सतह, स्वाभाविक रंग और अंदर के छह कक्षों से होती है। आँख से आप पहला अंदाज़ा लगा सकते हैं, लेकिन आखिरी फैसला लैब रिपोर्ट से ही होना चाहिए।
नामावेद का हर 6 मुखी नेपाली रुद्राक्ष सरकारी लैब सर्टिफिकेट के साथ आता है। देखें: प्रमाणित 6 मुखी नेपाली रुद्राक्ष
अस्वीकरण: यह जानकारी सामान्य पहचान के लिए है। अंतिम पुष्टि के लिए प्रमाणित लैब रिपोर्ट देखें।
