सावन सोमवार व्रत की विधि सरल है, लेकिन इसे श्रद्धा और नियम के साथ करना जरूरी माना जाता है।
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सुबह: ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ (संभवतः सफेद या पीले रंग के) वस्त्र पहनें। घर के मंदिर या नजदीकी शिव मंदिर में शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद और घी से अभिषेक करें।
पूजन सामग्री: बेलपत्र, धतूरा, सफेद फूल, अक्षत (बिना टूटे चावल), भस्म और जनेऊ अर्पित करें। “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें और शिव चालीसा या रुद्राष्टक का पाठ करें।
दिन भर: फलाहार करें या निर्जला व्रत रखें, अपनी क्षमता अनुसार। क्रोध, झूठ और तामसिक विचारों से दूर रहें।
शाम: सूर्यास्त के समय प्रदोष काल में दोबारा शिव आरती करें और उसके बाद ही फलाहार या भोजन ग्रहण करें।
लगातार व्रत रखना जरूरी नहीं — भक्त अपनी सुविधा अनुसार 4, 8 या 16 सोमवार का संकल्प भी ले सकते हैं।
FAQs
सोमवार व्रत में सुबह सबसे पहले क्या करें?
स्नान कर शिवलिंग पर जलाभिषेक करें।
व्रत में मंत्र जाप कितनी बार करें?
“ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जाप शुभ माना जाता है।
क्या हर सोमवार व्रत रखना जरूरी है?
नहीं, भक्त अपनी क्षमता अनुसार व्रत संख्या तय कर सकते हैं।