सावन का पर्व पूरे भारत में अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है, लेकिन भगवान शिव के प्रति भक्ति हर जगह समान रहती है।
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उत्तर भारत में सावन सोमवार व्रत और कांवड़ यात्रा सबसे लोकप्रिय हैं — लाखों कांवड़िए गंगाजल लेकर शिव मंदिरों तक पैदल यात्रा करते हैं। राजस्थान और उत्तर प्रदेश में हरियाली तीज पर महिलाएं झूला झूलती हैं, मेहंदी लगाती हैं और पारंपरिक गीत गाती हैं।
महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में श्रावण मास को अलग कैलेंडर के अनुसार मनाया जाता है, जहां घरों में विशेष पूजा और उपवास रखे जाते हैं। पश्चिम बंगाल में यह महीना मनसा देवी की पूजा से भी जुड़ा है।
सावन के दौरान शहरों में मेले लगते हैं, बाजारों में चूड़ियां, मेहंदी और हरे रंग के कपड़ों की खास मांग रहती है। सोशल मीडिया पर भी “हैप्पी सावन” और शिव भक्ति से जुड़ी पोस्ट्स की भरमार देखने को मिलती है।
यही विविधता सावन को भारत के सबसे रंगीन और भक्तिमय महीनों में से एक बनाती है।
FAQs
कांवड़ यात्रा कहां सबसे ज्यादा प्रचलित है?
उत्तर भारत, खासकर उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली में।
हरियाली तीज किसका पर्व है?
यह मुख्य रूप से महिलाओं का पर्व है, जो पति की लंबी उम्र के लिए मनाया जाता है।
क्या सावन पूरे भारत में एक ही तारीख को मनाया जाता है?
नहीं, उत्तर और दक्षिण भारत में अलग-अलग कैलेंडर के कारण तारीखें भिन्न होती हैं।