सावन का पहला सोमवार भक्तों के लिए सबसे उत्साह भरा दिन होता है। साल 2026 में यह 3 अगस्त (सोमवार) को पड़ रहा है — यानी सावन शुरू होने के ठीक चार दिन बाद।
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पहले सोमवार को व्रत रखने की परंपरा बेहद पुरानी है। मान्यता है कि देवी पार्वती ने भी भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए हर सोमवार व्रत रखा था। इसी कारण अविवाहित लड़कियां आज भी मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए यह व्रत करती हैं।
पूजा विधि: सुबह जल्दी स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें। शिवलिंग पर गंगाजल या साधारण जल अर्पित करें, इसके बाद दूध, दही, शहद और बेलपत्र चढ़ाएं। “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें और शिव चालीसा पढ़ें। दिन भर फलाहार करें और शाम को प्रदोष काल में आरती करें।
पहला सोमवार पूरे महीने के व्रत संकल्प की शुरुआत माना जाता है, इसलिए इस दिन विशेष रूप से मंदिर जाकर रुद्राभिषेक कराना शुभ फलदायी माना जाता है।
FAQs
सावन का पहला सोमवार 2026 में कब है?
3 अगस्त 2026।
पहले सोमवार व्रत का क्या महत्व है?
यह पूरे महीने के व्रत संकल्प की शुरुआत मानी जाती है।
क्या पहले दिन ही व्रत शुरू करना जरूरी है?
नहीं, भक्त किसी भी सोमवार से व्रत शुरू कर सकते हैं, लेकिन पहला सोमवार शुभ माना जाता है।