सावन शिवरात्रि, जिसे मास शिवरात्रि भी कहा जाता है, साल 2026 में 11 अगस्त को मनाई जाएगी। यह श्रावण मास की कृष्ण चतुर्दशी तिथि को आती है और महाशिवरात्रि जितनी ही पवित्र मानी जाती है, खासकर शिव भक्तों के लिए।
शुभ मुहूर्त:
निशिता पूजा का समय रात 12:05 बजे से 12:48 बजे तक रहेगा। व्रत का पारण 12 अगस्त को सुबह 5:49 बजे के बाद किया जा सकता है।
इस दिन भक्त निर्जला या फलाहार व्रत रखते हैं, रातभर जागरण करते हैं और चार पहर की पूजा करते हैं। शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित की जाती है — क्योंकि पौराणिक कथाओं में इन्हें शिवजी का प्रिय बताया गया है।
सावन शिवरात्रि का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह पूरे पवित्र महीने के बीचोंबीच आती है, जब कांवड़ यात्रा अपने चरम पर होती है और लाखों कांवड़िए गंगाजल लेकर शिव मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं।